Tuesday, October 20th, 2026

मिया और मुस्लिम फैक्टर से विपक्ष को घेरने की कोशिश 

असम
असम में सत्ता बरकरार रखने के लिए बीजेपी मुसलमानों के एक वर्ग विशेष को भी लुभाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, गैर-बांग्लाभाषी ये मुसलमान आबादी के हिसाब से बहुत ज्यादा नहीं हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की चुनावी रणनीति को धार देने के लिए बड़े काम आ सकते हैं, शायद यही मानकर पार्टी आगे बढ़ रही है। पार्टी के कद्दावर नेता और राज्य के स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल में जो 'मिया मुस्लिम' वाला बयान दिया है, वह उसी रणनीति का हिस्सा है; और माना जा रहा है कि इससे बीजेपी को कुछ फायदा हो या ना हो, लेकिन कांग्रेस की रणनीति पर असर जरूर पड़ सकता है। 

असम में भाजपा का नया चुनावी एजेंडा भाजपा (BJP) के नेता हिमंत बिस्वा सरमा  ने साफ-साफ कह दिया है कि 'मिया मुस्लिमों' (Miya)को उनकी पार्टी को वोट देने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि असम में बांग्लाभाषी या बंगाली मूल के मुसलमानों को अक्सर 'मिया' (Miya)के नाम से संबोधित किया जाता है। बीजेपी का आरोप है कि 'मिया' सांप्रदायिक और बहुत ज्यादा कट्टरपंथी हैं और उनकी संस्कृति असम की संस्कृति से मेल नहीं खाती। हिंमत बिस्वा शर्मा तो यहां तक कह रहे हैं कि असम के 'मिया मुसलमानों' को बीजेपी तो टिकट नहीं ही देगी, उन्होंने कांग्रेस से भी कहा है कि वह इन्हें टिकट ना दे। उन्होंने कहा है, 'नैतिक रूप से मैं विधानसभा में खड़ा नहीं हो सकता अगर वो हमें वोट देते हैं। अगर आप खुद को मिया मुस्लिम के तौर पर जानते हैं तो हमें वोट मत दीजिए, अगर आप खुद को असमी मुसलमान मानते हैं तो कृप्या हमें वोट दीजिए।' 

असम के 4 फीसदी मूल मुसलमानों की वकालत असल में असमी मुसलमान से बीजेपी का इशारा असम के उन मूल मुस्लिम समुदाय से है, जो असमी बोलते हैं और उनकी संस्कृति वहां के परिवेश से मेल खाती है। असम के मूल मुसलमानों में गोरिया ,मोरिया ,देशी और जोलाहा आते हैं। बीजपी का एजेंडा बहुत ही साफ है, क्योंकि 3.12 करोड़ आबादी वाले असम में 34 फीसदी मुसलमान हैं। इनमें से सिर्फ 4 फीसदी ही मूल रूप से असम के निवासी हैं, बाकी 30 फीसदी बांग्ला बोलने वाले या 'मिया मुसलमान'  हैं। वैसे तो कहने के लिए भाजपा सिर्फ 4 फीसदी स्थानीय मुस्लिम वोट बैंक को रिझा रही है, लेकिन उसका निशाना अपने राजनीतिक-विरोधियों के एजेंडे में पलीता लगाना है। गौरतलब है कि राज्य में विधानसभा की 126 सीटों में से 30 से 35 सीटों पर मुसलमान वोट बहुत बड़ा फैक्टर है। मिया और मुस्लिम फैक्टर से विपक्ष को घेरने की कोशिश असम में इसबार सत्ताधारी बीजेपी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस (Congress) ने अपनी अगुवाई वाले 6 दलों के गठबंधन या महाजोत में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF)को भी शामिल कर लिया है, जिसका आधार ही मुस्लिम वोट बैंक (Muslim vote bank) है। 

 

Source : Agency

पाठको की राय